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जब धरती काँपे तो समझो, पाप बहुत बढ़ गया है,
लोगों की खुराख, पेट और कमर का, साइज बढ़ गया है,
रोज सुबह उठकर के भागें, कसरत करें कमाल,
और कोई टोंके तो बोलें, इंची टेप घट गया है,
बहना बोले रे भैया, कुछ पेट तनिक अंदर कर लो,
कब लड़की वाले आएंगे कुछ बॉडी अपनी ट्रिम कर लो,
बैठ पिताजी आगन बोले, रे लल्ला, पेट बड़ा दुखदायी
है,
सारी बीमारी हैं होती, जादा खाने से, ये जीभ
बहुत हरजाई है,
अंदर की मैं बात बता दूँ क्यूँ लल्ला का पेट नहीं है घटता,
अच्छी लड़की नहीं है पटती क्यूँकि उनका भाओ बढ़ गया है,
चाचा बोलें चाची से, रे तेरा पेट बहुत बढ़ गया है,
देख रशोई मे भी अपनी, घासलेट
का बजट बढ़ गया है,
मौका मिले के मिष्ठी खाबें, कल्कत्ते की भाभी,
भैया बोले लगता है, कल्कत्ते मे भी, रिक्शे का फ्रेट बढ़ गया है,
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