सब कुछ छोड़कर,
कोई गीत लिख दो तुम,
बैठकर फुरशत में,
कोई प्रीत लिख दो तुम,
किसी पंछी की उड़ान,
या पपीहे का कोई गान,
कोई राग अब तुम तान,
कोई संगीत लिख दो तुम,
चाँद की चाँदनी,
या सूरज की रोशनी,
चमके ये सारा जहान,
प्रक्रति वर्णन ही लिख दो तुम,
किसी नारी कि सुंदरता,
प्रेम प्रथा का बखान,
मन मोह कर ले चित्रण,
कोई श्रंगार लिख दो तुम,
जहा डर भय नहीं हो,
न कोई हो परेशान,
रहें जहा सुख से सभी,
कोई जहान लिख दो तुम,

No comments:
Post a Comment