Friday, September 19, 2014

चिड़िया रैन बसेरा है


बस्ती हैं बंजारों की सब, चिड़िया रैन बसेरा है,
उठ-उठ गिरती सांश अधूरी, दो पल का ये डेरा है,
हम हैं तुम हो इस दुनियाँ में, संसार इसी से पूरा है,
प्रेमहि की है भाषा उत्तम, प्रेम बिना अँधियारा है,

तुम आए हो जीवन मे, हर ओर उजाला आया है,
सावन की रिमझिम हो तुम, तुम पर जीवन वारा है,
घुंगरू बज उठते हैं मन मे, प्रेम का तुम इकतारा हो,
भोला सा है प्रेम हमारा, तुम इस जीवन का तारा हो,

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