Thursday, September 11, 2014

जब प्यार कोई भर देता है


हर बार खिले होंठो पर जबमुस्कान हृदय भर देता है,
मन भावन इस बृंदावन मेजब प्यार कोई भर देता है,
सारी पीड़ा ओझल हो जाती है,जब थपकी भर कोई देता है,
चुप रहकर भी जो मुझ मेदम भरकर सारी पीड़ा हर लेता है,

बूंदों से ही प्यास बुझे तो मैं क्यूँसागर तट तक उड़ जाऊँ,
इस नयन दृष्टि के परे फिरूँ क्यूँइन नयनो को मैं भरमाऊँ,
बूंद जोड़ एक-एक आंशू की मेरेमुझ मे जान फूँक देता है कोई,
कंधे पर सर रखकर जब मुझमेलड़ने की ताकत भर देता है,

जन्म सात चलने का बादा लेकरसाथ मेरे चलता जाता है,
जब काँटा चुभ जाये तोअश्रु धार बादल गहरा सा जाता है,
मुश्किल आंशा हो जाती हैजब हांथ थाम रास्ता दिखलाता है,
कहता है मुझसे चलते जाओऔर साथ मेरे चलता जाता है,

निस्वार्थ भाव है प्रेम सदा जिसकाऔर निर्मल जल सी श्रद्धा है,
मेरे पिछले जन्मो का वरदान कोईमुझ पर कोई अनुकंपा है,
हर जन्म सिद्ध हो जाए जबऐसा जीवन साझी बन जाता है,
प्रभु कृपा का पात्र बने कोई जबऐसा साथी जीवन बन जाता है,

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